kismis ke fayde किशमिश (Kismis) के 15 फायदे और नुकसान - Benefits and Disadvantage of Raisins। उपयोग और सावधानियां
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किशमिश (Kismis) के 15 फायदे और नुकसान – Benefits and Disadvantage of Raisins। उपयोग और सावधानियां

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हैलो दोस्तों आज हम आपके लिए दो ऐसे ड्राई फ्रूट की जानकारी लाए हैं जो ना केवल आपको सेहतमंद रखते है, बल्कि कई व्यंजनों में डालने से व्यंजनों का स्वाद भी बढ़ा देते हैं। हम बात कर रहें हैं किशमिश की। Kismis (Kishmish) Ke Fayde कितने अधिक हैं इस बात का शायद आप अंदाजा भी नहीं लगा पाएं। ऐसी बहुत सी भयंकर बीमारियों में किशमिश के फायदे देखे गए हैं जो आज भी विज्ञान के लिए चुनौती हैं। किशमिश को अंग्रेजी भाषा में Raisins कहा जाता है। यह ऐसे ड्राई फ्रूट है जो बाजार में सबसे सस्ते दामों पर मिल जाते हैं। शरीर में ऊर्जा बढ़ाने से लेकर वजन कम करने तक में किशमिश बेहद असरदार रहते हैं। ऐसे ही  किशमिश के अनेक लाभ हैं। 

इसलिए आज हम आपको मुनक्का और किशमश खाने, इसके इस्तेमाल, और इसके सभी फायदे और नुकसान बताएंगे। इसके अलावा हम यह भी जानकारी देंगे कि किशमश कितने प्रकार की होती है (Types of raisin)। तो चलिए जानते हैं किशमिश (Raisins) से जुड़ी तमाम बातें।  

क्या है किशमिश  – What is Raisins in Hindi

किशमिश दोनो ही ड्राई फ्रूट होते हैं जिनका उपयोग कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है। अलग अलग भाषाओं में इन्हे दूसरे नामों से बुलाया जाता है। इसके कई प्रकार होते हैं, लेकिन फायदे लगभग सभी के एक जैसे होते हैं। इनमें सबसे आसानी से सुनहरे या हल्के पीले किशमिश मिल जाते हैं और इन्ही का उपयोग भी आमतौर पर सबसे ज्यादा किया जाता है। 

किशमिश के प्रकार -Types of Raisins in Hindi किशमिश के प्रकार -Types of Raisins in Hindi

किशमिश कई प्रकार की होती हैं। जिनके दाम और स्वाद थोड़े अलग हो सकते हैं। लेकिन फायदे और नुकसान लगभग एक जैसे ही हैं।

भूरी किशमिश 

इस किशमिश को बनाने के लिए अंगूरो को तीन सप्ताह तक के लिए सूखाया जाता है। सूखने के बाद इनका रंग हल्का भूरा दिखने लगता है।  हालांकि अलग अलग जगहों पर इसे बनाने के तरीके थोड़े अलग हो सकते हैं। इसलिए इसका रंग और आकार अंगूरों पर ही निर्भर करता है।

गोल्डन किशमिश

यह किशमिश सुल्ताना अंगूर को सुखा कर बनाई जाती है, इन अंगूरों रंग हल्का हरा होता है और इनमे बीज भी नहीं होते। इस किशमिश को तैयार करने के लिए पहले अलग तरह के तैलीय पदार्थ में भिगोया जाता है। इसके बाद इसे सुखने के लिए छोड़ दिया जाता है। सुखने के बाद इनका रंग गोल्डन होता है। आमतौर पर यह अन्य किशमिश से छोटे होते हैं और इनका स्वाद भी पूरी तरह मीठा होता है।

काली किशमिश

यह किशमिश काले अंगूरों को सूखा कर तैयार की जाती है। इसे तैयार करने में लगभग तीन सप्ताह तक का समय लग जाता है। स्वाद में यह किशमिश खट्टी मिठी होती है। इनका आकार छोटा और यह अन्य किशमिश के मुकाबले थोड़े मुलायम होते हैं। काले किशमिश के फायदे बहुत अधिक बताए जाते हैं इसलिए अत तक जरूर देखें।

किशमिश के फायदे – Benefits of Raisins In Hindi किशमिश के फायदे - Benefits of Raisins In Hindi

दोस्तों जैसे की हम सभ जानते हैं कि ड्राई फ्रूट्स में सबसे ज्यादा पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनके रोजाना सेवन का असर ना केवल बालों पर बल्कि स्किन, ऊर्जा, पाचन क्रिया और दिमाग पर भी पड़ता है। अब तक हमने आपको अखरोट के फायदे, काजू के फायदे, बादाम के फायदे, पिस्ता के फायदे के बारे में बता चुके हैं। अब हम जानते हैं किशमिश के फायदे। किशमिश के सभी फायदे और नुकसान जानने के लिए हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

संक्रमण से बचाने में किसमिस के फायदे

आज कल के युग में जब आए दिन कोई ना कोई बीमारी या संक्रमण आपको अपनी गिरफ्त में ले सकता है। ऐसे में किशमिश के अंदर ऐसे बहुत से पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कई तरह के संक्रमण से बचाने में सक्षम है। किशमिश के अंदर पाए जाने वाले तत्व एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल से बचा सकते हैं। इसके अलावा किशमिश के गुण दांतों के अंदर पैदा होने वाले बैक्टिरिया को भी खत्म करने में काफी है। किशमिश मुंह को स्वस्थ्य रखने में भी कारगर सिद्द होता है।

एनीमिया में किशमिश खाने के फायदे

एनीमिया एक ऐसीं गंभीर बीमारी है जिसमें मरीज के शरीर में खून की कमी हो जाती है और खून पर्याप्त मात्रा नहीं बनती। इसका एक मुख्य कारण आयरन भी है। इसी के कारण शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई भी कम होती है। लेकिन इस समस्या को किशमिश पूरी तरह खत्म कर सकता है। आपको बता दें कि किशमिश को आयरन का एक मुख्य श्रोत माना जाता है. इसी वजह से डॉक्टर भी एनीमिया में किशमिश खाने की सलाह देते हैं।

कैंसर से बचाव में किशमिश के लाभ

दोस्तों कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के बारे में आपने जरूर सुना होगा। यह बीमारी हर साल ना जाने कितने लोगों को मौंत की नींद सुला देती है। भारत में कैंसर का इलाज और दवाईयां दोनो ही बहुत ज्यादा महंगी हैं, जिसका खर्च उठाना हर किसी व्यक्ति के बस में नहीं है। वहीं इस समस्या से बचे रहने का दूसरा तरीका है अपनी डाइट में किशमिश को शामिल कर लेना। सालों पहले हो चुकी एक रिसर्च में यह बताया गया है कि कैंसर के अंदर एंटी रेडिकल और कैंसर प्रिवेंटिव गुफ पाए जाते हैं। इसके यह तत्व व्यक्ति को कई तरह के कैसंर से बचाने में सक्षम है। हालांकि इस पर अभी थोड़ी और रिसर्च की जरूरत है। लिहाजा अगर आप यह सोच रहे हैं कि किशमिश कैंसर का इलाज करने में सक्षम है तो आप गलत हैं। इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाना ही सही है। हां आप रोजाना किसमिस के सेवन से खुद को कैंसर से बचा सकते हैं।

हार्ट के लिए किसमिस के फायदे

आज के वक्त में कौन व्यक्ति कब दिल की बीमारियों की गिरफ्त में आ जाए यह कहना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन बताया जाता है कि किशमिश के अंदर कई ऐसे तत्व मोजूद हैं जो हृदय को सुरक्षित और तंदरुस्त रखते हैं। एनसीबीआई की रिसर्च में बताया गया है कि किशमिश बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करके अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। जिकी वजह से दिल का दौरा पड़ने के चांस कम हो जाते हैं। हालंकि अब तक यह नहीं पता चला कि किसमिस के कौन से गुण हैं जो हृदय को सुरक्षित रखते हैं।

ऊर्जा के लिए किशिमश के फायदे

हमारे रोजाना के सभी तरह के कार्यों के लिए हमारा ऊर्जावान होना बहुत ज्यादा जरूरी है। वही किशमिश को ऊर्जा बढ़ाने का एक बेहतरीन श्रोत माना जाता है। एनसीबीआई की रिसर्च में यह बताया गया है कि ऊर्जा बढ़ाने के लिए किशमिश को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है।

एसिडिटी में खाएं किसमिस

एसिडिटी की समस्या जितनी आम है उतनी ही खतरनाक भी। इस समस्या के दौरान मरीज के सीने से लेकर पेट तक बहुत ही भयंकर जलन होती है। इस समस्या को खत्म करने के लिए किशमिश पर भरोसा किया जा सकता है। बताया जाता है कि किशमिश में एल्कलाइन गुण पाए जाते हैं जो शरीर में एसिड की मात्रा को सामान्य करने में सक्षम होता है।

यौन स्वास्थ्य में लाभदायक है किशमिश

यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए लोग बहुत महंगे महंगे इलाज तक कराते हैं। लेकिन फिर भी वह उस इलाज से संतुष्ट नहीं होते। जबकि एक रिसर्च में बताया गया है कि किशमिश मे बेरॉन तत्व पाया जाता है जो पुरुष और महिलाओं के यौन संबंध को बेहतर बना सकता है। जो भी पुरुष या महिला अपने यौन संबंधों में सुधार करना चाहते हैं वह रोजाना किशमिश का सेवन जरूर करें। 

मुंह और दाँतों के लिए किशिमश

दांतों की समस्या से निपटने के लिए लोग अक्सर बहुत से उपाय अपनाते हैं। इन उपायों में से एक है किशमिश का सेवन करना। आपको बता दे कि किशमिश के अंदर फाइटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सीडेंट और ऑलीनोलिक एसिड पाया जाता है। यह एसिड दांतों में होने वाली कैविटी को रोकने में मदद कर सकते हैं। किशमिश तथा अन्य कई ड्राई फ्रूट में ऐसे तत्व होते हैं जो आंखों से लेकर दाँतों और मुंह तक के लिए बेहतरीन होते हैं। इसलिए दांतों की समस्या में डॉक्टर भी किश्मशि खाने की सलाह देते हैं।

वजन संतुलित करने में किसमिस के फायदें

वजन का बढ़ना जितना खतरनाक होता है उतना ही परेशान वजन का कम होना भी होता है। वजन कम करने के लिए या बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के उपाय ढूंढते दिखाई देते हैं। जबकि लोग यह नहीं जानते कि वजन को नियंत्रित करने के लिए किसमिस बहुत फायदेमंद है। आपको बता दे कि किशमिश के अंदर डाइट्री फाइबल और प्रीबायोटिक गुण मौजूद होते हैं। यह दोनो ही तत्व पेट के अंदर अच्छे बैक्टीरिया को बनाने का काम करते हैं। इसके इसी गुण की वजह से वजन को संतुलित रख पाना बेहदा आसान हो जाता है।  हालांकि वजन बढ़ जाने या कम होने की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना या एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर में किशमिश खाने के फायदे

उच्च रक्तचाप की समस्या से आज बहुत से लोग पीड़ित हैं। इस समस्या की वजह से लोग कई अन्य तरह की बीमारी की चपेट में भी आ जाते हैं। वहीं ऐसी कई रिसर्च हो चुकी है जिसमे बताया गया है कि किशमिश हाई ब्लड प्रेशर में लाभदायक होता है।  आपको बता दे कि हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में केवल एक ही तरह का खनिज काम करता है, और वह है पोटेशियम। पोटेशियम ही हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रख सकता है और किशमिश के अंदर पोटेशियम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है।

डायबिटीज में किशमिश के फायदे

डायबिटीज एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जो कई बड़ी बड़ी बीमारियों को  शरीर में आमंत्रित कर देती है। इस बीमारी से ग्रसित लोगों को मीठे से परहेज रखने की सलाह दी जाती है। वही कुछ लोगों को तो यह तक लगता है कि किशमिश को डायबिटीज में नहीं खाया जा सकता। जबकि ऐसा बिलकुल नहीं है, अगर सीमित मात्रा में किशमिश का सेवन किया जाए तो यह डायबिटीज की समस्या को भी कम कर सकता है। दरअसल किशमिश में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है जिसकी वजह से इंसुलिन रिस्पांस को बेहतर बनाता है।

बुखार में किशमिश के फायदे

बुखार होना स्वाभाविक है लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि बुखार होता क्यों है। दरअसल जब भी शरीर किसी तरह के वायरस से संक्रमित होता है तो शरीर उसे खत्म करने की कोशिश करता है। लेकिन वायरस से ना लड़ पाने की वजह से  बुखार हो जाता है। ऐसें में किशमिश में के अंदर एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। यह गुण बुखार को खत्म करने में कारगर सिद्द होते हैं। हालांकि बुखार होने पर किसी प्रकार की दवाई लेना या डॉक्टर की सलाह लेना भी आवश्यक है। इसलिए बुखार होने पर केवल किशमिश के सेवन निर्भर ना रहें बल्कि डॉक्टर के पास भी जाएं।

स्किन के किसमिस खाने के फायदे

दोस्तों आपने सुना या पढ़ा ही होगा कि  अंगूर या उससे बने प्रोडक्ट स्किन के लिए कितने फायदेमंद होते हैं। उसी तरह किशमिश भी अंगूर के जरिए ही बनाया गया है। बताया जाता है कि किशमिश के अंदर कीमोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं जो स्किन कैंसर तक से लड़ने में सक्षम है। इसके अलाव ऐसे कई शोध हो चुके हैं जिनमें किशमिश को स्किन टोनर भी माना गया है। यानी अगर आप रोजाना किशमिश का सेवन करते हैं तो इससे आपकी स्किन बेहतर हो सकती है।

बालों के लिए किशमिश के फायदे

बालों के झड़ने और समय से पहले सफेद होने का सबसे बड़ा कारण होता है फ्री रेडिकल्स का। इसी के कारण बाल अधिक सफेद होने लगते हैं और बालों की झड़ने की संख्या भी तेजी से बढ़ जाती है। वहीं किशमिश के अंदर पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व इस समस्या को खत्म करने में सक्षम है। हालांकि यह बिलकुल नहीं कहा जा सकता कि इस समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए केवल किशमिश का सेवन काफी है। इसलिए अगर आपको बालों से जु़ड़ी कोई भी समस्या है तो आप डॉक्टर के पास जाएं।

किशमिश खाने का सही तरीका – How To Eat Raisins In Hindi
किशमिश खाने का सही तरीका - How To Eat Raisins In Hindi

अब तक आपने जाना कि किसमिस खाने के कितने फायदे हैं। जाहिर है आप यह भी जानना चाहेंगे कि आप किस तरह किशमिश को खा सकते हैं और किस तरह इसका इस्तेमाल व्यंजन बनाने के लिए किया जा सकता है। तो चलिए जानते हैं किस तरह करे किशमिश का उपयोग और क्या है किशमश खाने का सही तरीका……

भीगी हुई किशमिश खाने का तरीका

अगर आप किशमिश का सेवन रोजाना करना चाहते हैं तो आप रोज रात को कुछ किशमिश को ले और उन्हे एक पत्थर के बर्तन में पानी के अंदर भीगो कर रख दें। इसके बाद अगले दिन सुबह भीगी हुई किशमिश को पानी से निकाले और उसे खा लें। 

व्यंजनों में करें इस्तेमाल

अगर आप भीगी हुई किशमिश नहीं खाना चाहते तो आप किसमिस को कई तरह के व्यंजनों डाल सकते हैं। आप चाहें तो हलवा बनाते समय किसमिस का उपयोग कर सकते हैं, या फिर राइस और सब्जियों में भी किशमिश डाल कर खा सकते हैं। इससे आपको अधिक लाभ भी होगा और व्यंजनों का स्वाद भी बेहतर हो जाएगा।

सीधा खाएं किशमिश

अगर आप सीधा किशमिश खाना चाहते हैं तो आप यह भी कर सकते हैं। इसके लिए आप रोजाना कुछ किशमिश ले और उन्हे दूध के साथ खा लें। दूध के साथ इस्तेमाल करते समय चीना का उपयोग ना करें। इससे आपको मिठास भी मिलेगी और चीनी से छुटकारा भी।

किस मात्रा में खाएं किशमिश

अगर आप पुरी तरह स्वस्थ्य हैं और किसी तरह की बीमारी की चपेट में नहीं है तो आप रोजाना 50 से 100 ग्राम तक किशमिश खा सकते हैं। लेकिन अगर आप किसी तरह की बीमारी से पीड़ित हैं तो किशमिश की मात्रा के बारे में डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

किशमिश के नुकसान – Disadvantage of Eating Raisins In Hindi KISMIS KE FAYDE

दोस्तों जिस चीज के फायदे हैं उसके नुकसान होना भी स्वाभाविक है। इसी तरह किशमिश के भी कुछ नुकसान है जिसे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। अगर आप इसका सेवन करना चाहते हैं तो पहले इसके नुकसान के बारे में भी जान लिजिए।

वजन का बढ़ जाना

किशमिश के सेवन से युं तो वजन संतुलित रहता है। लेकिन कई बार इसके अधिक सेवन से वजन बढ़ भी जाता है। इसलिए आप इसका सेवन करते समय किशमिश की तय मात्रा का ध्यान जरूर रखें। तभी आपको फायदा होगा नुकसान नहीं।

एलर्जी का होना

किशमिश के अधिक सेवन से शरीर या स्किन पर कई तरह की एलर्जी देखी जा सकती है। लेकिन यह तभी होता है जब आप इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं। लेकिन अगर आप किशमिश की तय मात्रा में सेवन कर रहे हैं, और फिर भी आपको एलर्जी हो रही है तो आप इसका सेवन तुरंत बंद कर दें और डॉक्टर की सलाह लें।

डायरिया और गैस

किशमिश केअधिक सेवन से आपको डारिया और गैस जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए अगर आपको ऐसी कोई समस्या हो तो आप इसका सेवन ना करें।

टाइप-2 डायबिटीज का खतरा

किशमिश की मिठास कई बार आपको टाइप-2 डायबिटीज का शिकार भी बना सकती है। किशमिश आम ड्राई फ्रूट्स के मुकाबले बेहद मीठा होता है। जिसकी वजह से डायबिटीज की समस्या हो सकती है। लेकिन ऐसा आपको तभी होगा जब आप किशमिश आवश्यकता से अधिक खाते हैं।

Conclusion Of Kismis (Kishmish) Ke Fayde

दोस्तो आपने हमारे इस लेख में जाना कि Kismis (Kishmish) Ke Fayde Aur Nuksan क्या हैं। इसके अलाव हमाने आपको यह भी बताया कि आप किस तरह किशमिश का उपयोग कर सकते हैं। अब अगर आप ऊपर बताई गई किसी समस्या से पीड़ित हैं तो आप रोजाना किशमिश का सेवन शुरू कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको कोई बीमारी है तो उसके उपचार के लिए किशमिश पर निर्भर ना रहें बल्कि डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

पूछे जाने वाले सवाल

  1. क्या किशमिश को भीगो कर खाया जा सकता है?

    हां, अगर आप भीगे हुए किशमिश खाना चाहें तो आप खा सकते हैं।

  2. क्या किशमिश के जरिए किसी तरह की बीमारी का इलाज संभव है?

    नहीं, किशमिश किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है, बल्कि यह आपको सेहतमंद बनाने के लिए है।

  3. क्या अधिक मात्रा में किसमिस खाने से नुकसान भी हो सकता है?

    हां, अगर आप अधिक मात्रा में किसमिस खाते हैं तो इसके फायदे ही नहीं बल्कि नुकसान भी हो सकते हैं।

  4. क्या डायबिटीज में किसमिस खाए जा सकते हैें?

    हां, लेकिन अगर आप सेवन करना ही चाहतें तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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